सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना की आपसी लड़ाई में मर्यादा गवां चुकी सीबीआई में अफसरों के बीच फिर से तलवारें खींच गयी हैं। इस बार सीबीआई के डीएसपी एनपी मिश्र ने जॉइंट डायरेक्टर अजय भटनागर को हटाने की मांग की है। मिश्रा ने प्रधानमंत्री को इस संबंध में लिखे पत्र में लिखा है कि बकोरिया में फर्जी मुठभेड़ में निर्दोष मारे गए थे। इस कांड की जांच खुद सीबीआई की स्पेशल सेल-1 के द्वारा की गई है। डीएसपी ने लिखा है कि सीबीआई में बड़े पद कर रहते हुए भटनागर इस केस को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए। अजय भटनागर झारखंड कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
बकोरिया कांड के बाद बनाए गए थे एडीजी
8 जून 2015 को बकोरिया में कथित मुठभेड़ में 12 लोग मारे गए थे। मुठभेड़ पर विवाद होने के बाद तात्कालिन एडीजी रेजी डुंगडुंग को हटाकर अजय भटनागर को सीआईडी का एडीजी बनाया गया था। भटनागर के एडीजी रहने के दौरान परिजनों ने केस के अनुसंधान की धीमी रफ्तार व गड़बड़ी का आरोप लगाया था। जिसके बाद मानवाधिकार आयोग ने पूरे मामले को संज्ञान लिया था। आयोग ने भी सीआईडी को केस की धीमी जांच के लिए तब फटकार लगायी थी। बाद में भटनागर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई में चले गए थे।
डीएसपी की ये भी है शिकायत
प्रधानमंत्री, सीबीआई निदेशक, सीवीसी को भी डीएसपी सीबीआई इंटरपोल एनपी मिश्रा ने पत्र भेजा है। पत्र में जिक्र है कि उनके ट्रांसफर के एक मामले में एक अक्तूबर को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। लेकिन अजय भटनागर ने ट्रांसफर के मामले में जल्द सुनवाई के लिए पद का दुरूपयोग कर हाईकोर्ट में पीटिशन दायर किया है।

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